Published: 2026-01-18
कक्षा 12 के छात्रों के लिए यह समय सबसे ज्यादा दबाव भरा होता है। एक तरफ बोर्ड परीक्षाएं, जिनसे स्कूल की पढ़ाई पूरी होती है, और दूसरी तरफ CUET, जो देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश का रास्ता खोलता है। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि CUET आखिर है क्या और बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ इसकी पढ़ाई कैसे की जाए। सही जानकारी और रणनीति के साथ यह सफर आसान बनाया जा सकता है।
CUET यानी कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) हर साल आयोजित करती है। इस परीक्षा का उद्देश्य देश भर के केंद्रीय, राज्य, डीम्ड और निजी विश्वविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एक समान और पारदर्शी प्रक्रिया प्रदान करना है।
पहले अलग-अलग विश्वविद्यालयों की अपनी प्रवेश परीक्षाएं होती थीं, जिससे छात्रों पर मानसिक और आर्थिक दबाव बढ़ता था। CUET ने इस समस्या को काफी हद तक कम किया है। अब एक ही परीक्षा के स्कोर के आधार पर छात्र कई विश्वविद्यालयों में आवेदन कर सकते हैं।
CUET में बैठने के लिए कोई आयु सीमा नहीं है। कक्षा 12 पास कोई भी छात्र इसमें शामिल हो सकता है। हालांकि, संबंधित विश्वविद्यालय अपने पाठ्यक्रमों के लिए अलग पात्रता शर्तें लागू कर सकते हैं।
CUET से जुड़ी ताजा अपडेट, आवेदन प्रक्रिया और पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी छात्र
👉 CUET PG 2026 प्रवेश परीक्षा की आधिकारिक जानकारी
इस लिंक पर देख सकते हैं:
Common University Entrance Online Test [CUET (PG) 2026] for Admission to Postgraduate Programmes
CUET की परीक्षा तीन खंडों में आयोजित होती है, ताकि छात्रों की भाषा समझ, विषय ज्ञान और सामान्य क्षमता का आकलन किया जा सके।
भाषा खंड
इस खंड में हिंदी, अंग्रेजी समेत 13 भाषाएं शामिल होती हैं। अधिकतर विश्वविद्यालयों में भाषा का पेपर अनिवार्य होता है, खासकर दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालयों में।
डोमेन विषय खंड
इस खंड में वे विषय शामिल होते हैं जो छात्र कक्षा 12 में पढ़ते हैं, जैसे भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान, लेखाशास्त्र आदि। छात्रों को वही डोमेन विषय चुनने चाहिए जो उन्होंने बोर्ड में पढ़े हों।
जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट (GAT)
इसमें सामान्य ज्ञान, रीजनिंग और बेसिक गणित से जुड़े प्रश्न होते हैं। यह हर कोर्स के लिए अनिवार्य नहीं है, लेकिन कई विश्वविद्यालयों में इसे देना फायदेमंद होता है।
CUET को लेकर सबसे बड़ा भ्रम सिलेबस को लेकर होता है। NTA ने साफ किया है कि CUET का पूरा सिलेबस कक्षा 12 की NCERT किताबों पर आधारित होता है। इसका मतलब है कि जो छात्र ईमानदारी से बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, वे अनजाने में CUET की भी तैयारी कर रहे होते हैं।
राज्य बोर्ड के छात्रों को भी सलाह दी जाती है कि वे अपने विषयों की तैयारी NCERT के अनुसार करें, क्योंकि डोमेन पेपर का अधिकांश हिस्सा वहीं से आता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि दोनों की तैयारी एक साथ कैसे की जाए। इसका जवाब है सही योजना और समय प्रबंधन।
1. बोर्ड परीक्षा को प्राथमिकता दें
कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा आपकी नींव है। डोमेन विषयों में मजबूत पकड़ CUET में अच्छा स्कोर दिला सकती है। इसलिए पहले बोर्ड के सिलेबस को अच्छे से समझें।
2. एक स्पष्ट स्टडी शेड्यूल बनाएं
सप्ताह के दिनों में बोर्ड के विषयों पर फोकस करें और सप्ताहांत पर CUET की तैयारी करें। इससे मानसिक दबाव भी कम होगा और पढ़ाई व्यवस्थित रहेगी।
3. रोज थोड़ा समय रीजनिंग और बेसिक मैथ्स को दें
GAT की तैयारी के लिए रोज 20–30 मिनट काफी होते हैं। धीरे-धीरे अभ्यास करने से यह हिस्सा मजबूत हो जाता है।
4. मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस जरूरी है
CUET का पेपर केवल 60 मिनट का होता है। इसलिए समय प्रबंधन सीखना बेहद जरूरी है। नियमित मॉक टेस्ट से गति और सटीकता दोनों में सुधार होता है।
5. भाषा पर पकड़ बनाएं
जो भी भाषा चुनें, उसमें पढ़ने की आदत डालें। रोजाना अखबार, लेख या छोटे पैसेज पढ़ना भाषा सेक्शन में मदद करता है।
हाँ, बिल्कुल। विशेषज्ञों का मानना है कि CUET की तैयारी के लिए कोचिंग अनिवार्य नहीं है। अगर छात्र NCERT को गंभीरता से पढ़ते हैं, पुराने प्रश्न पत्र हल करते हैं और नियमित मॉक टेस्ट देते हैं, तो वे बिना कोचिंग भी अच्छा स्कोर कर सकते हैं।
ऐसे डोमेन विषय चुनना जो कक्षा 12 में नहीं पढ़े हों
बोर्ड परीक्षा को नजरअंदाज करना
बिना योजना के कई किताबों से पढ़ाई करना
समय प्रबंधन पर ध्यान न देना
CUET कोई अलग या अतिरिक्त बोझ नहीं है, बल्कि यह बोर्ड परीक्षा की पढ़ाई का ही विस्तार है। सही जानकारी, स्पष्ट लक्ष्य और अनुशासित तैयारी से छात्र बोर्ड और CUET दोनों में सफलता हासिल कर सकते हैं। जो छात्र अभी से संतुलित रणनीति अपनाएंगे, वही आगे चलकर देश के बेहतरीन विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने का सपना पूरा कर पाएंगे।